छठी मैया
歌曲生成者: ✨ AISinging.net
B
编辑曲目
下载 & 许可
📝 歌词
उगा उगा हो सूरज देव,
उगा आकाश के कोर,
छठी मैया के बरतिया,
पूरा कर दीजो हो मोर।
नदी किनारे अँजोर भइल,
सज गइल घाट किनार,
सोहवे कलश, सोहवे सुपवा,
लाल चुनरिया लाज।
केरवा फरेला, ठेकुआ सजे,
नारियल धरल हथेली,
छठी मैया के दरशन खातिर,
अँखिया भइल सवेली।
उगा उगा हो सूरज देव,
उगा आकाश के कोर,
छठी मैया के बरतिया,
पूरा कर दीजो हो मोर।
उठ के नहइनी भोर भिनसारे,
धइली नियम विधान,
पानी में अरघ देत बानी,
ले के सच्चा अरमान।
माँगे बानी सुख-समृद्धि,
लइका-लइकी के मान,
घर-आँगन में हरियर रहे,
बस एतने अरमान।
सूरज देव हो, अरघ सम्हारी,
सुन लीजे विनती हमार,
छठी मैया संग आशीष दीजें,
भइल जीवन उपकार।
साँझे अर्घ्य, भोर अर्घ्य,
चार दिनन के नेह,
छठी मैया के किरपा से,
मिट जाला हर एक देह।
लोरी गावे दादी-माई,
गूँजे मंगल गान,
सूरज देव के तेज से,
जग में फैले जान।
उगा उगा हो सूरज देव,
छठी मैया के नाम,
भक्ति-भाव में झुकत बानी,
कर दीजें कल्याण।